क्रिप्टोकरेंसी ने निवेशकों को उनकी उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न दिया है.

क्रिप्‍टोकरंसी में निवेश से पहले जानें क्‍या हैं इसके जोखिम और फायदे की बात

आप किसी भी समय इसे खरीद सकते हैं। यह स्‍टाक मार्केट की तरह ट्रेडिंग से अलग है।

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। Cryptocurrency market में निवेश को लेकर लोगों में दिलचस्‍पी बढ़ रही है। दुनिया की सबसे बड़ी Cryptocurrency Bitcoin की एक साल में कीमत 90 फीसद तक बढ़ी है। यह इस समय 60 हजार डॉलर के आसपास चल क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे रही है। जबकि कुछ दिन पहले यह 69 हजार डॉलर पर थी। दुनिया की दूसरी बड़ी क्रिप्‍टोकरंसी Ether की कीमत 4075 डॉलर है। हालांकि इसमें निवेश से पहले इसके जोखिम और फायदों को समझना जरूरी है।

जानें क्‍या हैं फायदे

जानकारों की मानें तो क्रिप्‍टो करंसी में निवेश के फायदे भी हैं और खतरे भी। मसलन अगर इसमें लंबे समय तक निवेश किया जाए तो यह बेहतर रिटर्न का जरिया बन सकता है। हालांकि ये डिसेंट्रलाइज्‍ड हैं। इसमें सरकारी नियमन का कोई दखल नहीं होता। इसके जरिए निवेशक अपने पैसे पर सीधा अधिकार रखता है। इसमें निवेश के लिए वैश्विक स्‍तर पर पैसा लगाया जा सकता है। आप किसी भी देश के हों, इसमें निवेश कर सकते हैं।

स्‍टॉक मार्केट से अलग

एक और अच्‍छी बात है कि क्रिप्‍टो करंसी में निवेश के लिए कोई समय तय नहीं है। आप किसी भी समय इसे खरीद सकते हैं। यह स्‍टाक मार्केट की तरह ट्रेडिंग से अलग है।

जानें क्‍या है नुकसान

क्रिप्‍टो करंसी में निवेश में जोखिम भी बड़ा है। यह किसी सरकारी या फाइनेंशियल संस्‍थान के नियंत्रण में नहीं है। यह नियमन के दायरे में नहीं आता। इसमें पैसे की सेफ्टी या सुरक्षा की गारंटी नहीं है। इसकी खरीद-फरोख्‍त डिजिटली होती है। इसे हैक किया जा सकता है। अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो एक बार अपने वित्‍तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

निवेश से पहले क्‍या करें

अगर आप इसमें निवेश करने जा रहे हैं तो यह जान लें कि यह काफी नया है। हर कोई इसमें निवेश नहीं कर सकता। इसके लिए तकनीकी ज्ञान होना जरूरी है। सिस्‍टम को समझना चाहिए। साथ ही इसमें उतार-चढ़ाव का काफी चांस रहता है, जिससे आपका निवेश फंस भी सकता है। ज्‍यादा उतार-चढ़ाव को रोक पाना आम निवेशक के बस के बाहर की बात है।

क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स से सरकार को होंगे कई फायदे, जानिए CBDT के चेयरमैन ने कही ये बात

क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने के बाद साफ हो गया है कि, क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग से जुड़े कानून भी जल्द ही तैयार किए जा सकते है। ऐसे में जिन लोगों के पास बड़ी संख्यार में क्रिप्टोकरेंसी थी उन्हें अब इसके बैन नहीं होने से राहत मिलेगी।

क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स से सरकार को होंगे कई फायदे, जानिए CBDT के चेयरमैन ने कही ये बात

क्रिप्टो करेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में ऐलान कर दिया कि, क्रिप्टो करेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। वहीं जानकारों का कहना है कि, देश में अभी तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया हुआ है। लेकिन अभी तक इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा मौजूद नहीं है। ऐसे में सरकार के पास क्रिप्टो करेंसी में किए गए कुल निवेश की भी सटीक जानकारी नहीं है। इसीलिए सरकार ने आम बजट में क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स लगाने का निर्णय किया है।

क्रिप्टोकरेंसी के बिजनेस में आएगी पारदर्शिता – अभी तक उम्मीद की जा रही थी सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर बैन क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे लगा सकती है। लेकिन एक बड़े वर्ग को उम्मीद थी कि, सरकार इससे जुड़े नियम और कानून लागू कर सकती है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने के बाद साफ हो गया है कि, क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग से जुड़े कानून भी जल्द ही तैयार किए जा सकते है। ऐसे में जिन लोगों के पास बड़ी संख्यार में क्रिप्टोकरेंसी थी उन्हें अब इसके बैन नहीं होने से राहत मिलेगी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन ने कही ये बात – केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) चेयरमैन जे बी महापात्र ने कहा है कि बजट में क्रिप्टो करेंसी या ऑनलाइन डिजिटल संपत्तियों को कर के दायरे में लाने की घोषणा आयकर विभाग के लिये देश में इस मुद्रा के कारोबार की ‘गहराई’ का पता लगाने, निवेशकों तथा उनके निवेश की प्रकृति को जानने में मददगार होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम का मतलब यह नहीं है कि क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन वैध हो जाएगा। महापात्र ने कहा कि कर अधिकारियों के लिये इस क्षेत्र में प्रवेश का यह सही समय है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि क्रिप्टो करेंसी को लेकर सरकार विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर रही है और उससे निकलने क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे वाले निष्कर्ष के आधार पर राष्ट्रीय नीति और नियमन तैयार किये जाएंगे।

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वित्त मंत्री ने 2022-23 के बजट में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल संपत्तियों पर कराधान को स्पष्ट किया। उन्होंने ऐसी संपत्तियों में लेन-देन पर होने वाली आय को लेकर 30 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया। साथ ही एक सीमा से अधिक के लेन-देन पर एक प्रतिशत टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाने का भी प्रस्ताव किया। महापात्र ने कहा, ‘‘विभाग किसी भी लेनदेन की वैधता पर निर्णय नहीं लेता है। आयकर विभाग और आयकर अधिनियम केवल यह देखता है कि आपने जो लेन-देन किये हैं, क्या उससे आय सृजित हुई है या नहीं। हम इसके लिये नहीं हैं कि आय वैध है या नहीं, बल्कि हमारा काम आय पर कर लगाने का है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि मैं कहूंगा कि नये कानून के तहत क्रिप्टोकरेंसी पर कर लगाना कोई इसे वैध नहीं बनाता…।’’ महापात्र ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी में कारोबार या डिजिटल संपत्तियों में कारोबार केवल इसलिए वैध नहीं हो जाता कि आपने उस पर कर दिया है।

सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, ‘‘क्रिप्टोकरेंसी के लिये राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण का काम जारी है। आयकर विभाग इस क्षेत्र में ऐसे समय प्रवेश कर रहा है जब नीति पर काम जारी है। अत: मैं कहूंगा कि विभाग के लिये इस बाजार में प्रवेश का सही समय है।’’ महापात्र ने कहा कि जब कोई इकाई डिजिटल व्यापार पर किसी लाभ या अधिशेष की घोषणा करती है, तो उन्हें यह भी बताना होता है कि उनके पास निवेश के लिए पैसा कहां से आया है और यदि निवेश उचित और न्यायोचित है, तो अधिशेष पर कर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘कराधान व्यवस्था से हमें यह जानने में भी मदद मिलेगी कि क्या निवेश गलत तरीके से किया गया है या अवैध है। अगर वह बेहिसाब आय डाल रहा है या यह किसी और की ‘बेनामी’ संपत्ति है, तो उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।’’ महापात्र ने कहा कि इसीलिए हम न केवल अधिशेष को देख रहे हैं बल्कि हम संबंधित इकाई द्वारा क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे किये जा रहे निवेश की प्रकृति को भी देख रहे हैं।

ऑनलाइन डिजिटल मुद्रा भुगतान पर देना होगा TDS – बजट में एक साल में 10,000 रुपये से अधिक ऑनलाइन डिजिटल मुद्रा भुगतान पर एक प्रतिशत टीडीएस लगाने का भी प्रस्ताव है। साथ ही इस प्रकार की संपत्ति उपहार देने पर भी काराधान का प्रस्ताव किया गया है। टीडीएस के लिये सीमा निर्धारित व्यक्तियों के लिये 50,000 रुपये सालाना होगी। इसमें व्यक्ति/हिंदू अविभाजित परिवार शामिल हैं। उन्हें आयकर कानून के तहत अपने खातों का ऑडिट कराने की जरूरत होगी। साथ ही इसमें किसी प्रकार के व्यय या भत्ते को लेकर कटौती का कोई प्रावधान नहीं है। देश में क्रिप्टो अर्थव्यवस्था के मौजूदा अनुमान के बारे में पूछे जाने पर सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि वह सही आंकड़ों के अभाव में कोई अनुमान देने की स्थिति में नहीं हैं।

Dhanteras 2021: क्या यही है क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की शुरुआत करने का सही समय? जानिए क्या है इसमें पैसा लगाने का सही तरीका

क्रिप्टोकरेंसी कोई जल्दी अमीर बनने की योजना नहीं है. निवेशकों को क्रिप्टो में अपनी कुल संपत्ति का 5% से ज्यादा निवेश नहीं करना चाहिए.

Dhanteras 2021: क्या यही है क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की शुरुआत करने का सही समय? जानिए क्या है इसमें पैसा लगाने का सही तरीका

क्रिप्टोकरेंसी ने निवेशकों को उनकी उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न दिया है.

Dhanteras 2021: ज्यादातर भारतीय, त्योहारों को सोने (Gold) और अन्य संपत्तियों में निवेश करने का एक शुभ अवसर मानते हैं. सोने को आमतौर पर निवेश के लिए सबसे सुरक्षित एसेट क्लास माना जाता है. हालांकि सोने में निवेश की कुछ अपनी चुनौतियां भी हैं. सबसे पहली चुनौती तो यह है कि घर में रखने पर इसके चोरी होने या गुम होने का डर बना रहता है. ऐसे में इसे सुरक्षित जगह पर रखने की एक समस्या आती है. दूसरी चुनौती यह है कि सोने में निवेश करने के लिए काफी ज्यादा पैसों की जरूरत होती है. इसके अलावा, सोने में निवेश पर रिटर्न भी काफी कम मिलता है.

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के फायदे

आज के समय में भारत में निवेशक डायवर्सिफिकेशन के लिए सोने के अलावा अन्य एसेट क्लास में भी निवेश करने लगे हैं. इसी क्रम में अब कई लोग क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में भी निवेश कर रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी आज के समय में हर दूसरे एसेट क्लास से बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब रहा है. इस एसेट क्लास ने निवेशकों को उनकी उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न दिया है. यह पूरी तरह से डिजिटल है, इसका मतलब है कि निवेशकों को सोने की तरह इसके भंडारण को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे में निवेश का एक फायदा यह भी है कि इसके लिए आपको ज्यादा पूंजी की जरूरत भी नहीं है.

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क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म भारतीय निवेशकों को लुभाने की कर रहे हैं कोशिश

जैसै-जैसे निवेशकों के बीच क्रिप्टोकरेंसी को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, वे इसमें निवेश के लिए आगे आ रहे हैं. इस धनतेरस के दौरान कई क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म भारतीय निवेशकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी की ओर निवेशकों को लुभाने के लिए रेफरल कैंपेन और अन्य प्रमोशनल गतिविधियों में हाल ही में भारी उछाल देखा गया है. इसके अलावा, कई प्लेटफॉर्म निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के तरीके के बारे में शिक्षित भी कर रहे हैं. इन कोशिशों का नतीजा यह होगा कि धीरे-धीरे लोग इसे एक एसेट क्लास के रूप में देखेंगे, जो लंबे समय में धन के निर्माण में मदद करेगा. क्रिप्टो में एक सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान शुरू करने की दिशा में कदम उठाने के लिए यह धनतेरस सही समय हो सकता है.

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का क्या है सही तरीका

  • कुछ टॉप क्रिप्टोकरेंसी को चुनना और उनमें डायवर्सिफिकेशन लाना इसमें निवेश का सबसे अच्छा तरीका हो सकता है. क्रिप्टोकरेंसी को एक एसेट क्लास के रूप में देखा जाना चाहिए. कई लोग कुछ ही दिनों में 100 गुना रिटर्न चाहते हैं और इसके लिए वे क्रिप्टोकरेंसी में कूद पड़ते हैं. इस मकसद के साथ निवेशक बिना सोचे-समझे निवेश करते हैं और इसकी वजह से उन्हें एक बड़ा नुकसान हो जाता है. निवेश का यह तरीका सही नहीं है.
  • इस एसेट क्लास में निवेश का बेहतर तरीका यह है कि सबसे पहले निवेशकों को मार्केट कैप के आधार पर टॉप 10 क्रिप्टोकरेंसी को देखना होगा. अपनी क्रिप्टो इनवेस्टमेंट जर्नी को शुरू करने के लिए इन टोकन में निवेश के ज़रिए डायवर्सिफिकेशन लाना सबसे अच्छा तरीका होगा.
  • मार्केट में कुछ समय बिताने और अनुभव होने के बाद निवेशक कम मार्केट कैप वाले टोकन की ओर जा सकते हैं और समझदारी के साथ ज्यादा रिटर्न जनरेट कर सकते हैं.
  • क्रिप्टोकरेंसी कोई जल्दी अमीर बनने की योजना नहीं है. निवेशकों को यह समझना चाहिए कि सभी तरह के निवेश में एक जोखिम होता है. क्रिप्टोकरेंसी अभी भी एक अन-रेगुलेटेड एसेट क्लास है, इसलिए इसमें जोखिम और ज्यादा है.
  • निवेशकों को क्रिप्टो में अपनी कुल संपत्ति का 5% से ज्यादा निवेश नहीं करना चाहिए. ज्यादा रिटर्न की चाहत में अक्सर निवेशकों को बड़ा नुकसान हो जाता है, इसलिए इस निवेश के इन तरीकों से बचा जाना चाहिए.
  • क्रिप्टोकरेंसी में प्रॉपर इनवेस्टिंग से हर माह 5% का रिटर्न जनरेट किया सकता है. इसका मतलब है कि निवेशक अपनी पूंजी को सिर्फ एक साल में दोगुना कर सकते हैं. कोई भी समझदार निवेशक इस तरह के रिटर्न को खुशी-खुशी स्वीकार करेगा.

यह धनतेरस क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का पहला कदम उठाने और अपने इनवेस्टमेंट जर्नी की शुरुआत करने का सही मौका हो सकता है. यह एसेट क्लास हर समझदार निवेशकों के पोर्टफोलियो में होना चाहिए. इसमें निवेश के ज़रिए काफी ज्यादा रिटर्न जनरेट किया जा सकता है. निवेश का बेहतर तरीका यह है कि आपके पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन हो. इसका मतलब है कि निवेशकों को क्रिप्टो में निवेश करने के अलावा अलग-अलग एसेट क्लास जैसे स्टॉक, रियल एस्टेट, सोना और फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट में भी निवेश करना चाहिए.

(Edul Patel ग्लोबल एल्गोरिथम-बेस्ड क्रिप्टो इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म, Mudrex के CEO और को-फाउंडर हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

(इस लेख में क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सुझाव/सिफारिशें संबंधित कमेंटेटर द्वारा दी गई हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन उनकी सलाह के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है. कृपया क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन/निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें.)

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क्रिप्टो करेंसी क्या है

प्रत्येक देश की अपनी एक करेंसी अर्थात मुद्रा होती हैं और उसका एक निश्चित नाम भी होता है, जैसे कि भारत में रूपया, अमेरिका में डालर, अरब का रियाल आदि | किसी भी देश की करेंसी के माध्यम से उस देश की अर्थव्यवस्था संचालित होती है |

इन सभी करेंसी को आप देख सकते है, अपनें पास एकत्र कर सकते है परन्तु आज की इस डिजिटल दुनिया में एक नई तरह की करेंसी आ गयी है, जिसे न ही हम देख सकते है और ना ही हम छू सकते है, क्योंकि यह डिजिटल फॉर्म में होती हैं | इस डिजिटल करेंसी का नाम क्रिप्टोकरेंसी है | क्रिप्टो करेंसी क्या है, क्रिप्टो करेंसी के प्रकार व नाम के बारें क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे में आपको यहाँ पूरी जानकारी विधिवत रूप से दे रहे है |

क्रिप्टो करेंसी का क्या मतलब होता है ?

Table of Contents

क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी मुद्रा है, जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है | यह एक ऐसी मुद्रा है, जिसे किसी भी देश की सरकार लागू नहीं करती है | इस मुद्रा पर किसी देश, राज्य या किसी अथॉरिटी का नियंत्रण नहीं होता है अर्थात यह एक स्वतंत्र मुद्रा है, जो डिजिटल रूप में होती है इसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी द्वारा आप किसी भी तरह की वस्तु या सेवाएं खरीद या बेच सकते हैं।

क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत सबसे पहले जापान के सतोषी नाकमोतो नामक इंजीनियर नें वर्ष 2009 में की थी और पहली क्रिप्टो करेंसी का नाम बिटकॉइन है | हालाँकि शुरुआत में इसे कोई खास सफलता नहीं मिली परन्तु कुछ समय बाद यह काफी प्रचलित हुई और इसकी कीमत आसमान छूने लगी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फ़ैल गयी |

क्रिप्टो करेंसी के प्रकार (Types Of Crypto Currency)

वर्तमान समय में लगभग 1 हजार से अधिक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में उपलब्ध हैं, परन्तु इनमें से कुछ क्रिप्टो करेंसी ऐसी है, जिनका उपयोग सबसे अधिक किया जा रहा है, इनके नाम इस प्रकार है-

बिटकाइन (Bitcoin)

बिटकॉइन दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी है, मुख्य रूप से इसका उपयोग बड़े-बड़े सौदो में किया जाता है|

सिया कॉइन (Sia Coin)

सिया कॉइन को एससी के नाम से भी जाना जाता है, ग्रोथ करने के मामले में बिटकॉइन के बाद सियाकॉइन का नंबर आता है |

लाइटकॉइन (Lite Coin)

लाइटकॉइन का अविष्कार वर्ष 2011 में चार्ल्स ली द्वारा किया गया था, यह क्रिप्टोकरेंसी भी बिटकॉइन की तरह ही हैं, जोकि डीसेंट्रलाइज्ड भी हैं और साथ ही पीर टू पीर टेक्नोलॉजी के तहत कार्य करती हैं |

डैश (Dash)

यह दो शब्दों डिजिटल और कैश को मिलकर बनाया गया है | इस क्रिप्टोकरेंसी को बिटकॉइन की तुलना में अधिक विशेषताओं के साथ शुरू किया गया है | अन्य क्रिप्टोकरेंसी की अपेक्षा इसमें सुरक्षा को अधिक महत्व दिया जाता है | इसमें एक विशेष प्रकार की एल्गोरिथम और टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है |

रेड कॉइन (Red Coin)

रेड कॉइन एक ऐसी क्रिप्टो करेंसी हैं, जिसका उपयोग विशेष अवसरों पर लोगों को टिप देने के लिए किया जाता है।

एसवाईएस कॉइन (SYS Coin)

एसवाईएस कॉइन एक ऐसी क्रिप्टो करेंसी हैं, जो अन्य क्रिप्टो करेंसी की अपेक्षा बहुत ही तेज गति से कार्य करती है | मुख्य रूप से इसका प्रयोग पैसों के लेनदेन में जैसे संपत्ति को खरीदने या बेचने आदि में किया जाता है | एसवाईएस कॉइन, बिटकॉइन का एक भाग है जो डीप वेब में कार्य करता है।

ईथर और ईथरम (Ether Or Etherm)

इस करेंसी का प्रयोग इंटरचेंज करेंसी के रूप में किया जाता है | यह प्रकार का टोकन होता है, जिसका प्रयोग ईथरम ब्लाक चैन के अंतर्गत लेन-देन के लिए किया जाता है |

मोनेरो (Monero)

मोनेरो एक अलग तरह की क्रिप्टोकरेंसी है, जिसमें एक विशेष प्रकार की सिक्यूरिटी का प्रयोग किया जाता है, जिसे रिंग सिग्नेचर का नाम दिया गया है | इसका सबसे अधिक प्रयोग डार्क वेब और ब्लॉक मार्केट में किया जाता है | इस करेंसी की सहायता से स्मगलिंग, ब्लैक मार्केटिंग आदि की जाती है |

क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में अमेरिका और चीन से भी आगे हैं भारतीय और पाकिस्तानी-रिपोर्ट

क्रिप्टोकरेंसी हमारे जीवन पर वैसे ही असर डाल रही है जैसे कभी इंटरनेट ने किया था। हालांकि अभी भी इस बात पर अनिश्चितता है कि दुनिया भर की सरकारें इसे रेगुलेट कैसे करेंगी लेकिन नॉन-फंजीबल टोकन और.

क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में अमेरिका और चीन से भी आगे हैं भारतीय और पाकिस्तानी-रिपोर्ट

क्रिप्टोकरेंसी हमारे जीवन पर वैसे ही असर डाल रही है जैसे कभी इंटरनेट ने किया था। हालांकि अभी भी इस बात पर अनिश्चितता है कि दुनिया भर की सरकारें इसे रेगुलेट कैसे करेंगी लेकिन नॉन-फंजीबल टोकन और विकेंद्रीकृत फाइनेंस प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ रहा है। क्रिप्टो डॉट कॉम के अनुसार, इस साल वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी रखने वाले लोगों की संख्या दोगुनी होकर लगभग 220 मिलियन हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों ने क्रिप्टोकरेंसी में 2021 में लगभग $ 30 बिलियन का निवेश किया, जो पिछले सभी वर्षों की तुलना में अधिक है।
अल सल्वाडोर जैसे कुछ देशों ने बिटकॉइन को कानूनी निविदा के रूप में स्वीकार कर लिया है, कई देश अभी भी क्रिप्टो को लेकर सतर्क हैं। आइए उन शीर्ष छह देशों पर एक नज़र डालते हैं, जहां क्रिप्टो अपनाने की दर सबसे अधिक है, यह रिपोर्ट चैनालिसिस ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स के आधार पर है-

> वियतनाम- वियतनाम ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में 1 के इंडेक्स स्कोर के साथ पहले स्थान पर है। रेमिटेंस भुगतान इसके पीछे का सबसे कारण है। क्रिप्टोकरेंसी ने वियतनाम में प्रवासियों को विनिमय शुल्क का भुगतान किए बिना घर भेजने का एक तरीका प्रदान किया है। नतीजतन, लगभग 20 प्रतिशत वियतनामी बिटकॉइन में निवेश करने का दावा करते हैं।

> भारत- ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में भारत दूसरे स्थान पर है और इसका इंडेक्स स्कोर 0.37 है। भारत में करीब 7.3 मिलियन से अधिक क्रिप्टो उपयोगकर्ता हैं और इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 21.8 बिलियन डॉलर से अधिक है। छोटे भारतीय शहरों के लोगों ने भी क्रिप्टो में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। बिटकॉइन की कीमतों में तेज उछाल भारत में क्रिप्टो में बढ़ती दिलचस्पी का एक प्रमुख कारण था।

> पाकिस्तान- इस लिस्ट में पाकिस्तान तीसरे नंबर पर है। ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स पर देश का स्कोर 0.36 है। अधिकांश निवेश क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग और ट्रेडिंग से आया है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन एक्सचेंजों ने पाकिस्तान में क्रिप्टो को बढ़ावा दिया।

> यूक्रेन- ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में यूक्रेन 0.29 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर है। यूक्रेन की सरकार ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी को वैध कर दिया है। देश में $37 मिलियन से अधिक का डेली दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम है! इसके अलावा, यूक्रेनी सरकार जल्द ही निवेशकों और व्यवसायों के लिए एक क्रिप्टो बाजार खोलने की योजना बना रही है।
> केन्या- केन्या पांचवीं स्थान पर है। यहां क्रिप्टो एडॉप्शन स्कोर 0.28 है। यह केन्या में पीयर-टू-पीयर लेनदेन की बढ़ती संख्या के कारण है। दुनिया में कहीं और की तुलना में केन्याई सक्रिय रूप से एक-दूसरे के साथ क्रिप्टो का व्यापार कर रहे हैं।

> नाइजीरिया- नाइजीरिया ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में छठे स्थान पर है। कुल आबादी में से लगभग 24.2 प्रतिशत नाइजीरियाई लोगों के पास विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी हैं। नतीजतन, देश का क्रिप्टो एडॉप्शन स्कोर 0.26 है। बिटकॉइन नाइजीरिया में सबसे लोकप्रिय क्रिप्टो है, इसके बाद एथेरियम है।

एक्सचेंज-ट्रेडेड वॉल्यूम में काफी गिरावट आने के कारण इस साल अमेरिका और चीन 6वें से 8वें और चौथे से 13वें स्थान पर आ गए हैं।

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