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पैसा कमा लिया, खर्च कर दिया? लेकिन ये काम किए क्या?- 5 बातें

Saving and Investment Tips: खर्च वह है जो आपके हाथ से निकल गया, लेकिन बचाया हुआ एक रुपया वह है जो आपके पास अभी भी मनी पावर के रूप में मुट्ठी में मौजूद है. आइए आज जानें ऐसे पांच छोटे मगर स्मार्ट मूव्स के बारे में जिन्हें अपनाना है बेहद आसान.

Saving and Investment Tips: खर्च वह है जो आपके हाथ से निकल गया, लेकिन बचाया हुआ एक रुपया वह है जो आपके पास अभी भी मनी पावर के रूप में मुट्ठी में मौजूद है. आइए आज जानें ऐसे पांच छोटे मगर स्मार्ट मूव्स के बारे में जिन्हें अपनाना है बेहद आसान.

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  • Last Updated : June 24, 2019, 09:36 IST

काफी साल पहले कहीं पढ़ा था, एक रुपया बचाया हुआ एक रुपया कमाए हुए के बराबर होता है. हम इस पर आज भी यकीन करते हैं. दरअसल, खर्च वह है जो यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें आपके हाथ से निकल गया, लेकिन बचाया हुआ एक रुपया वह है जो आपके पास अभी भी मनी पावर के रूप में मुट्ठी में मौजूद है. आइए आज जानें ऐसे पांच छोटे मगर स्मार्ट मूव्स यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें के बारे में जिन्हें अपनाना मुश्किल नहीं है लेकिन एक बार यदि गंभीरता से लागू कर लिया तो आपका मनी मैनेजमेंट काफी अच्छे से हो जाता है और भविष्य की कई चिंताओं से आपको काफी हद तक मुक्ति मिल सकती है.

अच्छा पैसा कमाना यदि एक कला है तो पैसा बचाना एक 'स्मार्ट' कला है. यह स्मार्ट आर्ट इसलिए है क्योंकि दिनोंदिन बढ़ती मुद्रास्फीति, जरूरतों के विस्तृत होने और इच्छाओं के कुलांचे मारने के बीच यह बेहद मुश्किल होता है कि एक मुश्त रकम बचाई जा सके या खर्च कम किया जा सके.

1- अपने घर का बजट सबसे पहले तय करें- इसके तहत सभी बिल, लोन, ईएमआई, राशन, फीस और प्रतिदिन के खर्च शामिल होते हैं. मासिक रकम का बड़ा हिस्सा इसमें खर्च होगा ही. अपनी आय से अपने सभी खास-खास खर्चों के लिए एक हिस्सा नियमित समय से पहले ही अलग कर लें. इससे यह पता चल जाएगा कि कितना पैसा आपके पास अन्य जगह लगाने या बचाने के लिए शेष है. विलासितापूर्ण खर्चों को इसमें शामिल न करें. खुद को रिवॉर्ड जरूर देना चाहिए लेकिन फाइनेंशल प्लानिंग का पहला नियम जरूरी खर्चों को पहले निपटाना है इसके बाद अन्य चीजों की ओर रुख करना है.

2- लिक्विड यानी कैश जमा जरूर रखें- यह बचत आपके बेहद काम की चीज साबित हो सकती है. आपने इंश्योरेंस करवा रखा हो, कई क्रेडिट कार्ड हों, एफडी हों और शेयर बाजार में निवेश किया हुआ हो. लेकिन आपको अपनी मंथली कुल कमाई का एक हिस्सा इंमर्जेंसी फंड के नाम पर जरूर एक तरफ निकाल कर रख देना है. हर महीने इस आपातकालीन फंड के नाम पर निश्चित रकम जरूर निकालते चलें. यह नौकरी जाने की दशा में, अचानक मेडिकल कारणों से कैश की जरूरत पड़ने पर एवं कई और मामलों में आपके काम आएगा. इसे आप सेविंग अकाउंट में इस प्रकार रखें कि जल्द से जल्द आपको इसकी एक्सेस हो सके. वित्तीय मामलों के जानकारों की राय में 6 महीने का आपातकालीन फंड रखना चाहिए और इसे आप हर महीने कुछ रकम बचाकर रख सकते हैं. इसे आप ऐसी जगह (जैसे कि बैंक का सेविंग अकाउंट) रखेंगे जहां तक आप कम से कम में इसे प्राप्त कर सकें. माना जाता है कि मासिक कमाई का 10 फीसदी हिस्सा इसमें रखना चाहिए. यकीन मानिए, इमर्जेंसी फंड जरूरत की स्थिति से पूर्व, आपको मानसिक रूप से काफी सहारा देता है.

3- मंथली इन-हैंड रकम का प्रयोग कहां और कैसे करने जा रहे हैं- यह आपको पूरी तरह क्लियर होना चाहिए. फाइनेंशल प्लानिंग करें. इसके लिए मासिक और फिक्स्ड खर्चों के बाद विलासितापूर्ण खर्चों पर तय रकम लगाने से पहले अपने फाइनेंस की प्लानिंग बनाएं. लॉन्ग टर्म में कार खरीदने, मकान खरीदने, शादी करने जैसे टारगेट शामिल होंगे. इनके लिए संबंधित स्कीमों का पता करें, फाइनेंशल प्लानर की भी मदद ले सकते हैं या फिर बैंक या स्कीम्स में इन टारगेट को ध्यान में रखकर पैसा लगा सकते हैं. पैसा लगाने से पहले रिटर्न को लेकर तुलनात्मक रूप से अध्ययन कर लें.

4- निवेश करने की जरूरत को पहचानें- सोच-समझकर निवेश करें. निवेश बचत का समझदारी भरा रूप है जो आपको एक निश्चित अवधि में कमा कर देता है. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, एसआईपी जैसी स्कीम्स के बारे में तुलनात्मक अध्ययन करके इसमें पैसा लगाएं. एक बात हमेशा याद रखें, शेयर बाजार वोलाटाइल होता है, वह फिक्स्ड रिटर्न और फिक्स्ड समय पर रिटर्न नहीं देता है. हो सकता है कि पैसा डूब जाए और यह भी हो सकता है पैसा डबल हो जाए लेकिन यह पहले से निश्चित नहीं होता और मार्केट की चाल पर डिपेंड करता है. इसलिए अत्याधिक रकम न लगाएं कि आपको बाद में तकलीफ उठानी पड़े. यदि आपको बोनस या गिफ्ट या लॉटरी के रूप में अप्रत्याशित नकदी प्राप्त होती है तो इसका पूरा या फिर एक बड़ा हिस्सा या तो इमर्जेंसी फंड में डाल दें या फिर एफडी जैसे किसी ऐसे आप्शन को अपनाएं जहां आप इसे एकमुश्त लगा सकते हों. खर्च के लिए इसमें से एक रकम निकाल भी सकते हैं लेकिन जानकारों की राय में अचानक प्राप्त हुए इस पैसे का प्रयोग समझदारी से करना चाहिए, न कि तुरंत खर्च कर देना चाहिए.

5- आखिर मगर, महत्वपूर्ण बात- अपने खर्च का हिसाब किताब रखें. अपनी बचत और निवेश का भी लेखा- जोखा रखें. हर एक खर्चे को डायरी या मोबाइल फोन की किसी विश्वसनीय ऐप में लिखकर रखें. गारंटी, वारंटी और परचेज की रसीदों को संभाल कर एक जगह फाइल में रखें. निवेश को भी ट्रैक करें, क्या फायदे का सौदा साबित हो रहे हैं आपके द्वारा किए हुए निवेश या फिर नुकसान में जा रहे हैं? नजर रखें, विश्लेषण करें और इसी के हिसाब से पुनर्विचार करें और फैसला लें. अपने आपातकालीन फंड, मकान या कार की ईएमआई, क्रेडिट कार्ड से जुड़े लोन पहले और जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करें. यदि संभव हो तो अधिकाधिक लोन यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें लेने से बचें. जो लोन लिए हुए हैं उन्हें अपने सर से उतारने की कोशिश करें. वहीं, बड़े लोन को छोड़ दें तो खरीद की रकम को जहां तक संभव हो एक मुश्त चुका दें क्योंकि लोन हमेशा ब्याज के साथ आता है और यह ब्याज हमेशा मूल लागत पर आपके द्वारा चुकाई गई एक्स्ट्रा राशि होती है जिसे देने से आप तब बच सकते हैं जब आप एकमुश्त रकम का भुगतान कर दें.

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कमाई की Chanakya Niti- बचत से लेकर निवेश तक ये बातें रखें ध्यान, हमेशा भरी रहेगी तिजोरी

Chanakya Niti money making tips: आप पैसा कमाते हैं उसे पूरा का पूरा का बचाना मूर्खता होती है. पैसा बचाने का सबसे अच्छा तरीका उसके ज्यादा से ज्यादा हिस्से में सही जगह निवेश करना चाहिए.

Chanakya Niti money making tips: आषाढ़ महीने के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा यानि गुरु पूर्णिमा (#Gurupurnima). इस दिन गुरु को नमन किया जाता है. शिक्षक या गुरु ही जीवन की दिशा तय करता है. ऐसे ही एक गुरु थे चाणक्य (Chanakya). उनकी नीतियों को लेकर उन्हें आज भी याद किया जाता है. उनकी नीतियों पर भरोसा किया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि उनकी दिखाई दिशा से लोग धोखा नहीं खाते. आचार्य चाणक्य ने पैसों को लेकर भी महत्वपूर्ण नीति (Chanakya money making tips) बताई है. कमाई, व्यय, भोग और निवेश से जुड़ी चाणक्य की इस नीति को समझकर आप भी अमीर बनने की सीढ़ी चढ़ सकते हैं.

चाणक्य से सीखें पैसा कमाने, बचाने, निवेश के गुरु मंत्र

चाणक्य नीति (Chanakya niti) के मुताबिक, ईमानदारी से पैसा कमाना चाहिए और सेविंग से लेकर निवेश तक कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. चाणक्य ने धन की तुलना पानी से की है. उन्होने बताया कि जिस तरह पानी का इस्तेमाल न हो और वो पड़ा रहेगा तो सड़ जाएगा, इसी तरह उन्होने पैसों के बारे में भी बताया है.

- चाणक्य के मुताबिक, इंसान को हमेशा ऐसी जगह पर रहना चाहिए जहां उसके रोजगार के पर्याप्त साधन मौजूद हों. इससे उसे कभी भी पैसे की कमी नहीं होती.

- जो व्यक्ति पैसे को पानी की तरह बहाता है और बुरे समय के लिए बचाकर नहीं रखता वो मूर्ख कहलाता है, उसे एक समय के बाद परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं, जो व्यक्ति कठिन समय के लिए पैसे बचाकर रखता (Chanakya money saving tips) है वो बुद्धिमान कहलाता है.

- चाणक्य के मुताबिक, पैसा कमाने के लिए सबसे जरूरी यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें होता है कि आपका वित्तीय लक्ष्य (Financial goals) क्या है. लक्ष्य के बिना कोई भी व्यक्ति पैसा नहीं कमा सकता. लक्ष्य पैसा कमाने में व्यक्ति की काफी मदद करता है.

- चाणक्य कहते हैं कि जो भी आप पैसा कमाते (How to earn money) हैं उसे पूरा का पूरा का बचाना मूर्खता होती है. पैसा बचाने का सबसे अच्छा तरीका उसके ज्यादा से ज्यादा हिस्से में सही जगह निवेश करना चाहिए.

उपार्जितानां वित्तानां त्याग एव हि रक्षणाम्।
तडागोदरसंस्थानां परीस्रव इवाम्भसाम्।।

इस संस्कृत श्लोक का अर्थ है कि हमने जो पैसा कमाया है उसका इस्तेमाल करना या व्यय करना ही धन की रक्षा के समान यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें है.

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दान करना चाहिए पैसा

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति धन या पैसा कमाता है तो उसका सदुपयोग करना चाहिए. जरूरत से ज्यादा पैसा बचाना भी अनुचित है. इसलिए धन का दान (Chanakya Philanthrophy mantra) करना चाहिए. सही कामों में पैसा निवेश करना चाहिए. अगर कोई मेहनत करके पैसा कमाता है और उसका इस्तेमाल नहीं करता है तो ऐसे पैसों का फायदा क्या है? पैसों का सदुपयोग करते रहना चाहिए.

Investment Tips: SIP के जरिए म्‍यूचुअल फंड में करना चाहते हैं निवेश तो ये 4 बातें जरूर ध्‍यान रखें, जबरदस्‍त रिटर्न मिलेगा

SIP से औसतन 12 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलते देखा गया है, जो अन्‍य सेविंग्‍स स्‍कीम्‍स के मुकाबले काफी अच्‍छा है. लेकिन इससे ज्‍यादा मुनाफा कमाने के लिए आपको कुछ बातें याद रखना जरूरी हैं.

पिछले कुछ समय में निवेश के मामले मेंब काफी पॉपुलर हुआ है. SIP यानी Systematic Investment Plan के जरिए म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाया जाता है. ज्‍यादातर मामलों में एसआईपी से औसतन 12 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलते देखा गया है, जो अन्‍य सेविंग्‍स स्‍कीम्‍स के मुकाबले काफी अच्‍छा है. अच्‍छी बात ये है कि SIP को आप 500 रुपए से भी शुरू कर सकते हैं. अगर आप भी एसआईपी के जरिए म्‍यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं या करने जा रहे हैं तो आपको चार बातों का खासतौर पर खयाल रखना चाहिए, ताकि आपको इससे जबरदस्‍त रिटर्न मिल सके.

गैप न करें

इस मामले में आर्थिक मामलों की जानकार शिखा चतुर्वेदी कहती हैं कि अगर आपने SIP में निवेश की शुरुआत कर दी है, तो इसमें गैप न आने दें. इसमें इन्‍वेस्‍टमेंट जारी रखें और लंबे समय तक करें. एसआईपी में आपको कंपाउंडिंग इंटरेस्‍ट का फायदा मिलता है, ऐसे में आप जितने लंबे समय तक इसमें निवेश करेंगे, उतना ज्‍यादा फायदा मिल सकता है.

हर साल बढ़ाएं रकम

एसआईपी को आप चाहे कितने ही रुपए से शुरू करें, लेकिन हर साल इसमें थोड़ा-थोड़ा इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ाते रहें. SIP से बेहतर रिटर्न चाहिए तो इसे टॉप अप करना बहुत जरूरी होता है और ये मुश्किल भी नहीं है क्‍योंकि हर साल आपकी सैलरी में भी इजाफा होता ही है. ऐसे में आप थोड़ा अमाउंट SIP में भी आसानी से बढ़ा सकते हैं.

छोटी बचत से शुरू करें

शिखा कहती हैं कि तमाम लोग इस इंतजार में रहते हैं कि जब बचत अच्‍छे से होने लगेगी, तब SIP शुरू करेंगे, लेकिन इसकी बजाय आप पर जितना है, उससे शुरुआत कर दें. इसका कारण है कि एक उम्र के बाद निवेश करने की क्षमता भी कम हो जाती है. इसलिए आप चाहे 500 रुपए से शुरुआत करें, लेकिन देरी न करें. जितनी जल्‍दी निवेश करना शुरू करेंगे, उतने ज्‍यादा समय तक इसे जारी रख पाएंगे और उतना बेहतर रिटर्न ले सकेंगे.

एकमुश्‍त पैसा भी लगाएं

कई बार आपकी कोई एफडी या कोई और पॉलिसी भी मैच्‍योर हो जाती है या फिर कहीं से अचानक अच्‍छी आमदनी हो जाती है तो इसे कहीं खर्च करने की बजाय वो एकमुश्‍त पैसा आप SIP में लगाएं. निवेशकों को अपने निवेश को बेहतर करने के लिए समय-समय पर एकमुश्त जमा भी करना जरूरी होता है. खासतौर पर जब मार्केट में गिरावट आयी हो, उस समय एकमुश्‍त रकम निवेश करने से आगे चलकर काफी फायदा होता है. आप चाहें तो इस बारे में अपने फाइनेंशियल एक्‍सपर्ट से सलाह भी ले सकते हैं.

तुरंत पैसे की जरूरत है तो याद रखे ये 9 टिप्स बिना उधार मांगे

turant paise ki jarurat

क्या आपको तुरंत पैसे की जरूरत है? क्या आपके पास पैसे की कमी हो रही है? क्या आप सोच रहे हैं कि आपको तत्काल पैसा कहाँ से और कैसे मिलेगा?

खैर, यह एक सच्चाई है कि हर व्यक्ति को इस तरह की गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जो जीवन में कभी न कभी पैसे से संबंधित होती हैं। इसलिए, यहां हम आपको तुरंत पैसा पाने के 9 टिप्स दे रहे हैं जिनकी सहायता से आप अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए धन प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

इसी के साथ अगर आप जानना चाहते है पैसे उधार कैसे लें तो यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें आप ये भी पढ़ सकते हो – भारत में ऑनलाइन पैसे उधार लेने के 5 बेहतरीन तरीके।

1. एफडी पर ओवरड्राफ्ट

अगर आपके पास कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हो तो बैंकों की तरफ से एफडी पर ओवरड्राफ्ट या लोन की सुविधा दी जाती है। यह लोन आसानी से मिल भी जाता है। फिक्स्ड डिपॉजिट को तोड़ने के बजाय, आप उसी पर ऋण ले सकते हैं। इस तरह आप अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपने निवेश को सुरक्षित कर सकते हैं। साथ ही, यह आपके ऋण की अवधि के दौरान आपके निवेश को जारी रखने देता है।

कम ब्याज पे पैसे उधार ले

2. शेयर और म्यूचुअल फंड पर लोन

जब आपको अपनी व्यक्तिगत या व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत पैसा चाहिए हो तो आप शेयर के बदले लोन का विकल्प चुन सकते हैं। आप बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से अपने म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स और शेयर पर फटाफट लोन ले सकते हैं। आप कम ब्याज दर और न्यूनतम कागजी कार्रवाई के साथ तुरंत पैसे प्राप्त कर सकते हैं।

3. गोल्ड लोन

घर में रखा सोना ऐसी ही परिस्थितियों में काम आता है। सोने पर आसानी से लोन मिलता है। कई बैंक, एनबीएफसी और वित्तीय संस्थान गोल्ड लोन की सुविधा लेकर आए हैं। इन संस्थाओं में सोना जमा यदि अच्छा रिटर्न कमाना है तो याद रखें ये बातें कर आप अच्छा खासा लोन ले सकते हैं। इस तरह के ऋण व्यक्तिगत ऋण, या बाजार में उपलब्ध अन्य ऋण सुविधाओं की तुलना में कम ब्याज दर पर मिल जाते हैं।

4. फिक्स्ड डिपॉजिट पर क्रेडिट कार्ड

इमरजेंसी में पैसे की जरूरत हो तो क्रेडिट कार्ड बहुत काम आता है। बाकी क्रेडिट कार्ड बनवाने में कुछ मुश्किल हो सकती है, लेकिन अगर आपके पास एफडी है तो आसानी से और जल्दी से क्रेडिट कार्ड बन जाता है। फिक्स्ड डिपॉजिट पर क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छा विकल्प है जिन्हें तत्काल धन की आवश्यकता है। इन कार्डस पर क्रेडिट लिमिट आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट राशि का 80% -90% होती है। साथ ही कोई आय प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है और न्यूनतम कागजी कार्रवाई के साथ तुरंत पैसे मिल जाते हैं।

जानिए 5 आसान तरीके पैसे उधार कैसे लें भारत में

5. चिट फण्ड

पैसा बचाने या निवेश करने का एक और अच्छा विकल्प है चिट फण्ड। जरूरत के समय में, आप इससे पैसे उधार भी ले सकते हैं। अगर हम इसे बचत साधन के रूप में देखते हैं तो यह निवेश पर अच्छा रिटर्न देता है, और अगर एक उधार योजना के रूप में देखें तो यह आपात स्थिति में धन का एक विश्वसनीय स्रोत हो सकता है। चिट फंड योजना में लोगों का एक समूह समय समय पर निवेशकों की संख्या के बराबर अवधि के लिए चिट मूल्य में योगदान देता है और एकत्र की गई राशि, उस व्यक्ति को दी जाती है जिसे या तो लकी ड्रॉ या मत या नीलामी के माध्यम से चुना जाता है। जो व्यक्ति सबसे कम बोली लगाता है उस व्यक्ति को ही पैसा मिलता है। बोली लगाने वाले को इकट्ठा राशि प्राप्त होती है जिससे वह इमरजेंसी में उपयोग भी कर सकता है। बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की तुलना में ब्याज दरें भी कम होती है।

द मनी क्लब तेज़ी से बढ़ने वाला डिजिटल चिट फंड प्लेटफॉर्म है जहां आप बचत कर सकते हैं और आपात स्थिति में पैसे का उपयोग भी कर सकते हैं। आप कम से कम 200 रुपये की राशि से बचत शुरू कर सकते हैं। बैंक FD और RD से मिलने वाले रिटर्न से 3-4 गुना अधिक ब्याज भी कमा सकते हैं। मनी क्लब के कुल पंजीकृत सदस्य 2.59 लाख से अधिक हैं। आप अपने सैलरी से पैसे बचा सकते हैं और चिट फंड में निवेश कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी बेचना है तो इन 5 बातों को जान लें, आसानी से मिलेंगे खरीदार और अच्छी कीमत भी

प्रॉपर्टी अच्छी लोकेशन, सही हालात में होने के बावजूद नहीं बिक पाती है। इसकी वजह होती है कि मार्केट के अनुसार उस प्रॉपर्टी की कीमत तय नहीं होना।

Alok Kumar

Edited By: Alok Kumar @alocksone
Updated on: November 20, 2022 8:50 IST

प्रॉपर्टी की बिक्री- India TV Hindi

Photo:FILE प्रॉपर्टी की बिक्री

तमाम बदलाव और टेक्नोलॉजी के आने के बाद भी प्रॉपर्टी खरीदना आसान नहीं है। प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले या खुद के रहने के लिए घर खरीद रहे बायर्स को आज भी कई तरह की मुश्किलों का सामना करना होता है। वहीं, अगर निवेशक खरीदी हुई प्रॉपर्टी को बेचकर पैसा कमाना चाहता है तो वह भी आसान नहीं होता है। प्रॉपर्टी की कीमत मार्केट के अनुरुप मिलें इसके लिए बिक्रेता को कई महीने तक इंतजार भी करना पड़ता है। इसके बावजूद अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है। अगर, आपने प्रॉपर्टी में निवेश किया है और बिक्री कर शानदार रिटर्न चाह रहे है तो यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर वो कौन सी बातें है, जिनको ध्‍यान में रखना जरूरी हैं। अगर आप ऐसा करेंगे तो आसानी से प्रॉपर्टी की बिक्री कर मोटा रिटर्न प्राप्‍त कर सकते हैं।

1.मार्केट के अनुसार प्रॉपर्टी की कीमत रखें

प्रॉपर्टी अच्छी लोकेशन, सही हालात में होने के बावजूद नहीं बिक पाती है। इसकी वजह होती है कि मार्केट के अनुसार उस प्रॉपर्टी की कीमत तय नहीं होना। हमेशा याद रखें कि अगर आपने अपने एरिया में चल रहे दाम से कम कीमत रखी है तो आपको अपनी प्रॉपर्टी की बिक्री से नुकसान उठाना होगा। वहीं, दूसरी ओर अगर आप अधिक कीमत तय करेंगे, तो आपको खरीदार मिलने में काफी दिक्कत होगी। सही कीमत तय करने का एक तरीका यह है कि आप अपने क्षेत्र में अपनी प्रॉपर्टी की ही तरह की दूसरे प्रॉपर्टी का रेट पता करें।

2. प्रॉपर्टी के सभी जरूरी पेपर तैयार रखें

प्रॉपर्टी की बिक्री में सबसे जरूरी होता है उस मकान या कमर्शियल स्पेस का पेपर सही हो। अगर पेपर में कोई दिक्कत नहीं तो प्रॉपर्टी आसानी से बिक जाती है। प्रॉपर्टी बेचने के लिए आपके पास ओरिजिनल सेल डीड होनी चाहिए। इसके अलावा अगर आपने किसी डेवलपमेंट अथॉरिटी से प्रॉपर्टी ली है, तो आपके पास उसका एलॉटमेंट लेटर और पजेशन लेटर होना चाहिए। अगर आपने होम लोन ले कर वह प्रॉपर्टी खरीदी थी और वह लोन पूरा हो चुका है, तो बैंक की ओर से जारी किया गया नो ड्यूज लेटर आपके पास होना चाहिए जिसमें यह लिखा गया हो कि आपने वह कर्ज पूरा चुकता कर दिया है। इसके अलावा अगर आपने वह प्रॉपर्टी गिरवी रख कर कोई कर्ज लिया है, तो उससे संबंधित कागजात भी होना चाहिए।

3. अधिक खरीदारों तक पहुंचने का करें प्रयास

प्रॉपर्टी की बिक्री के लिए अहम यह है कि आप इसकी जानकारी अधिक से अधिक खरीदारों तक पहुंचाने की कोशिश करें। इसके लिए आप रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम करने वाले एजेंट्स की मदद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप ऑनलाइन रियल्टी पोर्टल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। मौजूदा समय में बहुत सारे रियल्टी पोर्टल मुफ्त में प्रॉपर्टी की लिस्टिंग की सुविधा दे रहे हैं। आप इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर आसानी से अच्छे बायर ढूंढ सकते हैं।

4. बेचने से पहले पेंट, सीलन आदि को ठीक करा दें

प्रॉपर्टी बाजार में एक बड़ा ही कॉमन फंडा है कि जो प्रॉपर्टी दिखने में आकर्षक है, उसको सेल करना बहुत ही आसान होता है। अगर, खरीददार पर पहला इम्‍प्रेशन खराब पड़ेगा तो वह प्रॉपटी नहीं खरीदेगा। अगर, आप चाहते हैं कि खरीदार आपके प्रॉपर्टी की ओर पहली नजर में ही खरीदने के लिए तैयार हो जाए, तो इसके लिए प्रॉपर्टी को रिनोवेट कराएं। कहीं पेंट उखड़ रहा हो, कहीं सीलन जैसी स्थिति बन रही हो, कहीं टूट-फूट हो रहा हो, तो उसे ठीक करा लें। रंग-रोगन करा कर उसका लुक बेहतर करा लें। बाथरुम और किचन में आप पुरानी चीजों को बदल कर उनकी जगह नई चीजें लगवा सकते हैं। ऐसा करके आप अपनी प्रॉपर्टी की बेहतर कीमत लगा सकते हैं।

5. सभी तरह के ड्येज क्लियर कर दें

अपनी प्रॉपर्टी को बिक्री के लिए पेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि सभी तरह के ड्यूज क्लियर हो जाएं। प्रॉपर्टी टैक्स, विभिन्न यूटिलिटी बिल- सभी उस समय तक अदा होना चाहिए। सोसाइटी का मेनटेनेंस फी भी चुका दें और उससे एनओसी लेना न भूलें। इससे बाद में आपको कोई परेशानी का सामना नहीं करना होगा।

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